नमस्ते!
आज कल हम देख रहे हैं कि हर तरफ परेशानी ही परेशानी कहीं बिमारी तो कहीं अन्य बहुत से कारण हैं जिससे लोग काफी परेशान रहते हैं।
लोग भगवान को भी खोज रहे हैं लेकिन पहचान नहीं पा रहे हैं कि भगवान एक है और वो अविनाशी परमात्मा कौन है।
इस लिए जिसकी पूजा हम लोकवेद के आधार से कर रहे हैं वो अविनाशी परमात्मा नहीं है। ये ही वेदों में प्रमाण है।
कहीं हम उस भगवान को तो नहीं भुल गए है।
उसी कारण ही हमें परेशानी, दुःख, बिमारी और अन्य संकट तो नहीं हो रहे हैं।
क्योंकि उस परमात्मा (कबीर साहेब) के अलावा हमें इन संकटों से अन्य कोई मुक्ति नहीं दिला सकता।
ये हमारे जो अनेक देवता है जिसको हम भगवान मानकर पुजते है। ये सिर्फ कर्मों के अनुसार हीं हमें कुछ दे सकते हैं क्योंकि ये पूर्ण परमात्मा नहीं है। इनका भी जन्म मृत्यु होता है।
सृष्टि के रचयिता कबीर परमेश्वर जी ही अविनाशी परमात्मा है। ये ही वेदों में प्रमाण है।
कबीर परमेश्वर जी हमें सही सत्य ज्ञान समझने के लिए प्रत्येक युग में प्रकट होते हैं।
हम में से बहुत से लोग ये मानने को तैयार नहीं है कि कबीर साहेब जी ही अविनाशी परमात्मा है।
उसको चाहिए कि हमारे शास्त्रों को उठाईये और संत रामपाल जी महाराज प्रमाण सहित सही सच्चाई बता रहे हैं उसको मिलाईये ताकि हमें विश्वास हो सके।
और हां वर्तमान समय में कबीर परमेश्वर जी संत रामपाल जी महाराज के रुप में लीला कर रहे हैं। और सही ज्ञान बता रहे हैं।
जिससे सन्त रामपाल जी महाराज के शिष्यों को सभी तरह से सुख शांति प्राप्त हो रही है।
और सभी शिष्य नशे से दूर व अन्य सामाजिक बिमारियां दहेज आदि से दूर है।
इसलिए आप सभी से निवेदन है कि सत्य की और लोटे और हमारे शास्त्रों के अनुसार भक्ति करें यही हमारे मनुष्य जन्म का उद्देश्य है।
आज कल ज्यादातर (युवा) भक्ति को अपराध के समान मान रहे हैं।
कहते हैं कि हम क्यो करें भक्ति हमें इसकी आवश्यकता नहीं है।
लेकिन उनको समझना होगा कि मनुष्य जन्म पूर्ण सन्त से नाम दीक्षा लेकर भक्ति करने के लिए मिला है।
अन्यथा भक्ति के बिना अन्य सभी प्राणी भी जीवने जी रहे हैं। वो मिल सकता था।
और भक्ति न करने से मिल भी जाएगा।
कबीर, मानुष जन्म पाय कर, नहीं रटैं हरि नाम।
जैसे कुंआ जल बिना, बनवाया क्या काम।।
अब आपको पता तो चल गया होगा कि भगवान कौन है और सम्पूर्ण विश्व में पूर्ण सन्त कौन है।
अब आपको परखने की जरूरत है वो आप हमारे शास्त्रों को उठाइए और सन्त रामपाल जी महाराज प्रमाण दिखा रहे हैं वो मिलाइए।
धन्यवाद
आज कल हम देख रहे हैं कि हर तरफ परेशानी ही परेशानी कहीं बिमारी तो कहीं अन्य बहुत से कारण हैं जिससे लोग काफी परेशान रहते हैं।
लोग भगवान को भी खोज रहे हैं लेकिन पहचान नहीं पा रहे हैं कि भगवान एक है और वो अविनाशी परमात्मा कौन है।
इस लिए जिसकी पूजा हम लोकवेद के आधार से कर रहे हैं वो अविनाशी परमात्मा नहीं है। ये ही वेदों में प्रमाण है।
कहीं हम उस भगवान को तो नहीं भुल गए है।
उसी कारण ही हमें परेशानी, दुःख, बिमारी और अन्य संकट तो नहीं हो रहे हैं।
क्योंकि उस परमात्मा (कबीर साहेब) के अलावा हमें इन संकटों से अन्य कोई मुक्ति नहीं दिला सकता।
ये हमारे जो अनेक देवता है जिसको हम भगवान मानकर पुजते है। ये सिर्फ कर्मों के अनुसार हीं हमें कुछ दे सकते हैं क्योंकि ये पूर्ण परमात्मा नहीं है। इनका भी जन्म मृत्यु होता है।
सृष्टि के रचयिता कबीर परमेश्वर जी ही अविनाशी परमात्मा है। ये ही वेदों में प्रमाण है।
कबीर परमेश्वर जी हमें सही सत्य ज्ञान समझने के लिए प्रत्येक युग में प्रकट होते हैं।
हम में से बहुत से लोग ये मानने को तैयार नहीं है कि कबीर साहेब जी ही अविनाशी परमात्मा है।
उसको चाहिए कि हमारे शास्त्रों को उठाईये और संत रामपाल जी महाराज प्रमाण सहित सही सच्चाई बता रहे हैं उसको मिलाईये ताकि हमें विश्वास हो सके।
और हां वर्तमान समय में कबीर परमेश्वर जी संत रामपाल जी महाराज के रुप में लीला कर रहे हैं। और सही ज्ञान बता रहे हैं।
जिससे सन्त रामपाल जी महाराज के शिष्यों को सभी तरह से सुख शांति प्राप्त हो रही है।
और सभी शिष्य नशे से दूर व अन्य सामाजिक बिमारियां दहेज आदि से दूर है।
इसलिए आप सभी से निवेदन है कि सत्य की और लोटे और हमारे शास्त्रों के अनुसार भक्ति करें यही हमारे मनुष्य जन्म का उद्देश्य है।
आज कल ज्यादातर (युवा) भक्ति को अपराध के समान मान रहे हैं।
कहते हैं कि हम क्यो करें भक्ति हमें इसकी आवश्यकता नहीं है।
लेकिन उनको समझना होगा कि मनुष्य जन्म पूर्ण सन्त से नाम दीक्षा लेकर भक्ति करने के लिए मिला है।
अन्यथा भक्ति के बिना अन्य सभी प्राणी भी जीवने जी रहे हैं। वो मिल सकता था।
और भक्ति न करने से मिल भी जाएगा।
कबीर, मानुष जन्म पाय कर, नहीं रटैं हरि नाम।
जैसे कुंआ जल बिना, बनवाया क्या काम।।
अब आपको पता तो चल गया होगा कि भगवान कौन है और सम्पूर्ण विश्व में पूर्ण सन्त कौन है।
अब आपको परखने की जरूरत है वो आप हमारे शास्त्रों को उठाइए और सन्त रामपाल जी महाराज प्रमाण दिखा रहे हैं वो मिलाइए।
धन्यवाद
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