मुक्ति पाना आसान है या मुश्किल
हम सब जानते है कि मुक्ति क्या होती है यानी मोक्ष को ही हम मुक्ति कह सकते हैं।
हम प्राचीन समय से ही सुनते आ रहे हैं कि जीवन सिर्फ भक्ति करके मोक्ष प्राप्त करने के लिए मिलता है ये बहुत अनमोल होता है। भक्ति के बिना ये बेकार है।
कबीर, मानुष जन्म पाय कर, नहीं रटैं हरि नाम।
जैसे कुंआ जल बिना, बनवाया क्या काम।।
लेकिन हम या तो भक्ति करते नहीं है और जो करते हैं वो सही नहीं होती है।
क्योंकि हमारे शास्त्रों में ये लिखा गया है कि शास्त्रों के विरुद्ध भक्ति साधना करने से मोक्ष नहीं मिल सकता।
इसलिए हमें शास्त्रों के अनुसार प्रमाणित भक्ति करनी चाहिए और वो आज सम्पूर्ण विश्व में संत रामपाल जी महाराज ही बताते हैं।
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| मुक्ति पाना आसान है या मुश्किल |
अब हम जानते हैं कि मोक्ष पाना आसान है या मुश्किल।
सत्य भक्ति के बिना मोक्ष नहीं मिल सकता इसलिए जो शास्त्रों के अलावा भक्ति करते हैं वो अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। उससे मोक्ष संभव नहीं है।
और जो शास्त्रों के अनुसार प्रमाणित भक्ति पूर्ण गुरु से नाम दीक्षा लेकर उनके बताए अनुसार करते हैं उनके लिए मोक्ष मुश्किल नहीं है।
अब हम जानते हैं कि मोक्ष से क्या होता है मोक्ष से हम इस जन्म मृत्यु के चक्कर से निकल जाते हैं और हमारा जन्म मृत्यु फिर कभी नहीं होता है।
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| मोक्ष भक्ति से |
और हम इस संसारिक कष्टों से मुक्त हो जाते हैं।
ऐसा तब होता है जब हम सत्य भक्ति करते हैं अन्यथा नहीं।
इसलिए हम कह सकते हैं कि मोक्ष सत् भक्ति करने वालों के लिए आसान और गलत व अप्रमाणिक भक्ति करने वालों के लिए मुश्किल होता है।
वर्तमान समय में संत रामपाल जी महाराज के अलावा विश्व में प्रमाणित व सही भक्ति और कोई नहीं बताता है। वे पूर्ण गुरु है।
इसलिए हमें इस जन्म मृत्यु से पीछा छुड़ाना है।
ताकि हम प्रत्येक जन्म के बाद चोरासी लाख योनियों में भटकने से बच सकें।
कबीर, मानुष जन्म दुर्लभ है, मिले न बारं-बार।
तरवर से पत्ता टूट गिरे, बहुर ना लागे डार।।
इसलिए आज के शिक्षित समाज को चाहिए कि वे संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान को समझकर उनसे नाम दीक्षा लेकर पूर्ण परमात्मा की भक्ति करके अपना कल्याण करवाएं।
धन्यवाद



