Sunday, May 31, 2020

KABIR IS GOD

नमस्ते!
आज कल हम देख रहे हैं कि हर तरफ परेशानी ही परेशानी कहीं बिमारी तो कहीं अन्य बहुत से कारण हैं जिससे लोग काफी परेशान रहते हैं।
लोग भगवान को भी खोज रहे हैं लेकिन पहचान नहीं पा रहे हैं कि भगवान एक है और वो अविनाशी परमात्मा कौन है।
इस लिए जिसकी पूजा हम लोकवेद के आधार से कर रहे हैं वो अविनाशी परमात्मा नहीं है। ये ही वेदों में प्रमाण है।
कहीं हम उस भगवान को तो नहीं भुल गए है।
उसी कारण ही हमें परेशानी, दुःख, बिमारी और अन्य संकट तो नहीं हो रहे हैं।
क्योंकि उस परमात्मा (कबीर साहेब) के अलावा हमें इन संकटों से अन्य कोई मुक्ति नहीं दिला सकता।

ये हमारे जो अनेक देवता है जिसको हम भगवान मानकर पुजते है। ये सिर्फ कर्मों के अनुसार हीं हमें कुछ दे सकते हैं क्योंकि ये पूर्ण परमात्मा नहीं है। इनका भी जन्म मृत्यु होता है।
सृष्टि के रचयिता कबीर परमेश्वर जी ही अविनाशी परमात्मा है। ये ही वेदों में प्रमाण है।

कबीर परमेश्वर जी हमें सही सत्य ज्ञान समझने के लिए प्रत्येक युग में प्रकट होते हैं।
हम में से बहुत से लोग ये मानने को तैयार नहीं है कि कबीर साहेब जी ही अविनाशी परमात्मा है।
उसको चाहिए कि हमारे शास्त्रों को उठाईये और संत रामपाल जी महाराज प्रमाण सहित सही सच्चाई बता रहे हैं उसको मिलाईये ताकि हमें विश्वास हो सके।
और हां वर्तमान समय में कबीर परमेश्वर जी संत रामपाल जी महाराज के रुप में लीला कर रहे हैं। और सही ज्ञान बता रहे हैं।
जिससे सन्त रामपाल जी महाराज के शिष्यों को सभी तरह से सुख शांति प्राप्त हो रही है।
और सभी शिष्य नशे से दूर व अन्य सामाजिक बिमारियां दहेज आदि से दूर है।
इसलिए आप सभी से निवेदन है कि सत्य की और लोटे और हमारे शास्त्रों के अनुसार भक्ति करें यही हमारे मनुष्य जन्म का उद्देश्य है।
आज कल ज्यादातर (युवा) भक्ति को अपराध के समान मान रहे हैं।
कहते हैं कि हम क्यो करें भक्ति हमें इसकी आवश्यकता नहीं है।
लेकिन उनको समझना होगा कि मनुष्य जन्म पूर्ण सन्त से नाम दीक्षा लेकर भक्ति करने के लिए मिला है।
अन्यथा भक्ति के बिना अन्य सभी प्राणी भी जीवने जी रहे हैं। वो मिल सकता था।
और भक्ति न करने से मिल भी जाएगा।
कबीर, मानुष जन्म पाय कर, नहीं रटैं हरि नाम।
जैसे कुंआ जल बिना, बनवाया क्या काम।।
अब आपको पता तो चल गया होगा कि भगवान कौन है और सम्पूर्ण विश्व में पूर्ण सन्त कौन है।
अब आपको परखने की जरूरत है वो आप हमारे शास्त्रों को उठाइए और सन्त रामपाल जी महाराज प्रमाण दिखा रहे हैं वो मिलाइए।
धन्यवाद

Wednesday, May 20, 2020

Holy work of SantRampalJiM

नमस्ते Dear,

आज हम संत रामपाल जी महाराज के पवित्र कार्यो के बारे जानेंगे कि संत रामपाल जी महाराज ने समाज को क्या दिया है।


आधुनिक समय में हमारे समाज में बहुत बुराईयां फैल रही है जिसको मिटाना मोत को बुलावा देने के बराबर है।

क्योंकि हमारे समाज में विकारों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है।

लोग अहंकार, मान बड़ाई, धन, धोखाधड़ी, रिश्र्वत, नशा आदि को अपने संस्कार मानने लग गये हैं।

क्योंकि आज जिस व्यक्ति के पास धन नहीं है उसका कोई सम्मान नहीं करता।

इस प्रकार के समाज को अच्छाई में बदलना बहुत कठिन है।

संत रामपाल जी महाराज के अलावा ना ही आज तक इस प्रकार के समाज को कोई बदल सका है और ना ही कोई बदल सकता।

आज सम्पूर्ण विश्व में संत रामपाल जी महाराज ऐसा समाज तैयार कर रहे हैं जो इन सब बुराईयों से कोसों दूर है।

जैसे,

1. दहेज़ लेना-देना,

2. मृत्यु भोजन ,

3. नशा ,

4. मांस मंदिरा,

5. भष्टाचार, रिश्र्वत, धोखाधड़ी,

6. लड़ाई झगडे व

7. अन्य सामाजिक बुराईयां आदि।

इन सब बुराईयों को लोग सरकार के कहने पर भी नहीं त्याग सकते लेकिन सन्त रामपाल जी महाराज के शिष्य इन सब बुराईयों से कोसों दूर है।

फिर भी समाज सन्त रामपाल जी महाराज को ग़लत नजरो से देख रहा है।

हमें अपने विचारों सकारात्मक सोचने चाहिए।

हमारी सरकार को भी सोचना चाहिए कि ऐसा समाज कोई आम आदमी तो तैयार नहीं कर सकता।

संत रामपाल जी महाराज शास्त्रों के आधार पर जो ज्ञान बताते हैं उनको हमारे शास्त्रों में मिलाकर उससे नाम दीक्षा लेनी चाहिए।


संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेने मात्र से अनेकों बेइलाज बीमारीयां ठिक हो रही है।

उनके शिष्यों में इतना प्रेम, दया और समाज के प्रति सेवा, दयाभाव सदर व्यवहार की समाज को हैरान कर रहा है।


सत् रामपाल जी महाराज ऐसी सत् भक्ति बताते हैं जिससे मन के विकार समाप्त हो जातें हैं।

उनका मानना है कि यह ज्ञान सम्पूर्ण विश्व को एक परिवार बना देगा।

जहां चारों ओर प्रेम, दया, सद् व्यहवार, भाई-चारा, सेवाभाव, झलकता नजर आयेगा।

कलयुग में सतयुग नज़र आयेगा।


ऐसा ही समाज हमको चाहिए इसलिए आप अपनी शिक्षा का फायदा उठाइए और संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान को शास्त्रों में मिलाकर और समझकर उनसे नाम दीक्षा ले।

              

               ‌‌  ।। धन्यवाद ।।


Thursday, May 14, 2020

भारत का पुनरुत्थान

नमस्ते,
जैसा कि हम जानते हैं कि भारत एक विकसित देश है।
इतिहास में पढ़ते हैं कि भारत एक बहुत ही धनवान देश था। परंतु दुर्भाग्यवंश गुलामी के कारण बहुत ही कमजोर हो गया।
लेकिन वर्तमान समय में शिक्षा के प्रभाव से बहुत ही तेज गति से विकास की ओर बढ़ रहा है।
परन्तु वर्तमान में हमारे देश में अनेकों बुराईयां भी है।
जैसे कि,
दहेज़ लेना-देना, मृत्यु भोजन (मोसर), नशे का प्रभाव, भ्रष्टाचार, रिसवत आदि।
सबसे बड़ी दुःख की बात तो ये है कि हमारे समाज में प्राचीन समय में इतना प्यार, भाई-चारा नारियों का सम्मान था कि हैरान रह जाते हैं।
लेकिन वर्तमान में वो सब बातें नज़र नहीं आ रही है। बस चारों तरफ बिजनेस ही बिजनेस।
कुछ संस्थाएं भारत को प्रेम, सत्य की ओर ले जाने का प्रयास कर रही है। लेकिन असफल हो रही है।
क्योंकि इस मार्ग पर इन्सान को भगवान के अलावा और कोई नहीं ले जा सकता।
हमारे देश में छह सौ साल पहले भी भगवान आए थे लेकिन हम पहचान नहीं पाए।
और आज भी सम्पूर्ण विश्व में भारत में ही भगवान आए हुए हैं जिसे भी हम पहचान नहीं रहें हैं।
वह भगवान कोई और नहीं जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ही हैं।
जो कि हमारे धर्म शास्त्रों के आधार पर सत् भक्ति बताते हैं।
भले ही हम उनको गलत समझ रहे हैं।
इनकी भक्ति से एसा विकार रहित समाज तैयार हो रहा है कि उसकी तुलना नहीं कर सकते हैं।
दुनिया में सिर्फ संत रामपाल जी महाराज के शिष्य दहेज़ लेने-देने से रहित, नशे से दूर, पाप कर्म से दूर, मृत्यु भोजन (मोसर )से रहित, भ्रष्टाचार व रिसवत से रहित, अन्य अनेकों बुराईयों से दूर है।
तो इससे हो भारत का पुनरुत्थान और हां भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व का होगा पुनरुत्थान ये विश्व के अनेक भविष्यवक्ता की भविष्यवाणी से सिद्ध होता है। 
और भारत विश्व गुरु बनेगा।
तो हमारे सम्पूर्ण विश्व में हम सबको संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेने की आवश्यकता है ताकि हमारा सम्पूर्ण विश्व एक सुंदर समाज बन जाएं।

            जय हिन्द जय भारत











Wednesday, May 13, 2020

बीमारीयों के कारण और इलाज

नमस्ते,
वर्तमान समय में हम देखते हैं कि चारों ओर सब जगह बीमारी ही बीमारी बढ़ती नजर आ रही है। हमारे शहरों में अनाज की दुकानों से कहीं ज्यादा दवाईयां के मेडिकल नज़र आ रही है।
सभी हाॅस्पिटलों में बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों की असीमित संख्या है।
तो ऐसा क्यों ?
देखते है इस बीमारी का क्या कारण है। 
सबसे पहले तो कहना चाहूंगा कि हम स्वार्थ के लिए जीने लग गये हैं जी हां स्वार्थ।
उदाहरण के तौर पर जैसे कि बिना याद किए भगवान खुद हमारे पास आ जाएं तो हम उसकी भी कदर नहीं करेंगे।
हम बड़ों की इज्जत किसलिए करते हैं स्वार्थ के लिए।
दुनिया में प्रेम शब्द मात्र रह गया है।
लोग दिन भर दिन अनेकों बेइलाज बिमारियों से ग्रस्त हो रहें हैं।
इन सब बातों का कारण है कि हम भक्ति रहित है और अब सत् भक्ति कर नहीं रहें हैं।
इन सब बेइलाज बिमारियों का एक ही इलाज है। और वो है सत् भक्ति।
जी हां, सत् भक्ति । 
और वो सत् भक्ति सम्पूर्ण विश्व में संत रामपाल जी महाराज ही बताते हैं और वो भी हमारे शास्त्रों के आधार पर।
इस भक्ति से अनेकों लोग संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेकर सुखी, स्वस्थ हो रहें हैं।
सबसे बड़ी बात तो ये है कि इस भक्ति से हमारा मनुष्य जन्म का उद्देश्य मोक्ष प्राप्त करना भी पूरा हो रहा है।
और अनेकों समाज की बुराईयां से दूर हो सकतें हैं।
जैसे ,
दहेज़ लेना-देना, नशा आदि ये भी बहुत बड़ी बीमारी है।
इस प्रकार सन्त रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेकर इन सभी बिमारियों का इलाज मुफ्त में पाएं।

                 ।।धन्यवाद।।


Thursday, May 7, 2020

नशा कैसे छोड़ें

वर्तमान समय में नशें का सेवन बहुत अधिक बढ़ गया है। कुछ लोग इससे परेशान हैं तो कुछ लोग बड़े गर्व से इसका सेवन करते हैं।
नशा हमारे जीवन का सर्वनाश कर देता है। ये तो हम सब जानते है। और इससे परिवार में भी अशांति रहती है।
नशा हमें बिमारियों के अलावा कुछ भी नहीं दे सकता।
हमारा शीर्षक है कि नशा कैसे छोड़ें
आपने संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों के बारे में तो सुना होगा वे कभी नशा करना तो दूर हाथ तक नहीं लगाते।
जबकि वो ही शिष्य संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेने से पहले बहुत ही नशा करते थे।
तो उनका नशा कैसे छूट गया जानते हैं,
संत रामपाल जी महाराज उस पुर्ण परमात्मा की सत् भक्ति बताते हैं जिसे हम कहते हैं कि भगवान एक है। लेकिन जानते नहीं हैं।
इस सत् भक्ति से सभी प्रकार की बिमारियां व नशे छूट जाते हैं और मनुष्य जन्म का उद्देश्य (मोक्ष) भी पूरा हो जाता है।
तो आप भी संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेकर सभी प्रकार के नशें व बिमारियों का इलाज मुफ्त पाएं।
और अपने मनुष्य जन्म का उद्देश्य (मोक्ष) भी पूरा करें।




Lord Kabir

                    God introduction
                       Kabir is God
Satguru Kabir Sahib Himself Purna Brahm (Satpurush-Param

Syllable Brahma). This ultimate syllable Brahma (imperishable) God

By the way, they come in all four ages. Saturated in the golden age

Namely, in Trota era under the name Munindra, in Dwapar era

Compassionate name and
Real (KavirDev) in Kali Yuga

This is known as Kabir

Has come to the circle In kalyuga

Parmeshwar Kabir (KavirDev) 1455 (AD 1398)

Wave star pond on full moon day of Jyeshtha month

On a lotus flower in Kashi (Benaras)

Appeared as a newborn.

By:- Sant Rampal ji maharaj 


Thankyou

Goverdhan

गोवर्धन :-               गोवर्धन पूजा के रूप में भी जाना जाता है, गोवर्धन एक हिंदू त्योहार है जिसमें भक्त भगवान श्री कृष्ण को बड़ी संख्या...